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ग्लोबल क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट को बड़ा झटका! कुवैत 30 साल में पहली बार महीने भर में एक भी बैरल तेल नहीं कर पाया निर्यात

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : May 03, 2026 02:50 pm IST,  Updated : May 03, 2026 02:50 pm IST

Global Oil Supply Shock Kuwait: कुवैत के साथ पिछले 3 दशक में ऐसा पहली बार हुआ है कि वह एक भी बैरल कच्चा तेल निर्यात नहीं कर पाया है। इसके पीछे की वजह के बारे में जानिए।

Kuwait Crude Oil Exports Zero- India TV Hindi
कुवैत ने बीते अप्रैल महीने में कच्चे तेल का एक भी बैरल एक्सपोर्ट नहीं किया। Image Source : ANI (प्रतीकात्मक फोटो)

Kuwait Crude Oil Exports Zero: पश्चिम एशिया में बढ़ती टेंशन के बीच Global Energy Market को झटका देने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, Kuwait पिछले महीने यानी अप्रैल, 2026 में एक भी बैरल कच्चा तेल किसी भी देश को निर्यात नहीं कर पाया है, जो पिछले 30 साल में पहली बार हुआ है। ऑयल शिपमेंट ट्रैक करने वाली संस्था TankerTrackers के मुताबिक, कुवैत के लिए ऐसे हालात 1991 के Gulf War के बाद पहली बार हुए हैं।

कुवैत से कच्चे तेल के टैंकरों की आवाजाही रुकी

रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत में ऑयल प्रोडक्शन पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन वह कच्चा तेल निर्यात नहीं कर पा रहा है। यहां कच्चे तेल का निर्यात करीब-करीब ठप हो गया है। कुवैत में उत्पादित कच्चे तेल का कुछ भाग स्टोरेज में रखा जा रहा है, जबकि कुछ को रिफाइंड प्रोडक्ट्स में बदलकर Export किया जा रहा है। हालांकि, कुवैत से कच्चे तेल के टैंकरों की आवाजाही रुक गई है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन पर प्रभाव पड़ सकता है।

Hormuz बंद होने से बढ़ा संकट

दरअसल, कुवैत का ऑयल एक्सपोर्ट रुकने के पीछे Strait Of Hormuz में आई बाधाएं हैं। ईरान, Strait of Hormuz में चुनिंदा देशों के जहाज ही निकलने दे रहा है। Hormuz, विश्व के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से भारी मात्रा में कच्चा तेल यूरोप और एशिया तक पहुंचता है।

कच्चे तेल के दाम पर पड़ सकता है असर

गौरतलब है कि कुवैत, OPEC के प्रमुख सदस्यों में से एक है और उसका ऑयल एक्सपोर्ट, ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में कुवैत के निर्यात का रुक जाना अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम और सप्लाई पर दबाव को बढ़ा सकता है।

इस बीच, Qatar ने खाड़ी में जारी तनाव को लेकर Iran से अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करने का अनुरोध किया है। कतर ने क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने के खातिर और टेंशन को कम करने की कोशिशों को प्राथमिकता देने की जरूरत पर भी जोर दिया।

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